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भोसरी जमीन घोटाला : ED ने एकनाथ खड़से से मांगे जमीन के कागजात

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पिंपरी (तेज समाचार डेस्क). भाजपा छोड़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से से पिंपरी चिंचवड़ के भोसरी स्थित एमआईडीसी की जमीन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ दस्तावेज मांगे हैं. उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता अंजलि दमानिया की वकालत कर रहे वकील असीम सरोदे ने इसकी जानकारी दी है.

ईडी ने हाल ही में एकनाथ खड़से को इस मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन खराब सेहत और कोरोना वायरस संक्रमण का संदेह जताए जाने के बाद उन्हें पेश होने के लिए और वक्त दिया गया है. एड सरोदे ने कहा कि ईडी ने हमसे मदद मांगी है और भोसरी जमीन सौदे से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं, जिसमें मेरी मुवक्किल अंजलि दमानिया ने 2016 में खड़से के खिलाफ शिकायत दाखिल की थी. एड सरोदे ने बताया कि अंजली दमानिया ने महाराष्ट्र पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा खड़से को दी गई क्लीन चिट का विरोध करते हुए 2018 में पुणे की सत्र अदालत में हस्तक्षेप आवेदन भी दाखिल किया है. ईडी अधिकारियों के परिचय का सत्यापन करने के बाद उन्हें दस्तावेजों की प्रतियां सौंपेंगे. ये दस्तावेज अदालत के पास भी हैं, लेकिन अदालत से दस्तावेज हासिल करने में समय लग सकता है, इसलिए ईडी अधिकारियों ने उनसे अनुरोध किया.

महाराष्ट्र में भाजपा नीत पूर्ववर्ती सरकार में वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री रहे खड़से को पुणे के भोसरी एमआईडीसी क्षेत्र में सरकारी जमीन की खरीद में उनकी पत्नी और दामाद द्वारा पद का दुरुपयोग करने के आरोपों के बाद 2016 में मंत्री पद छोड़ना पड़ा था. हालिया भाजपा छोड़कर हाल ही में राकांपा में शामिल हुए वरिष्ठ नेता एकनाथ खड़से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष उपस्थित नहीं हुए.डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है.जांच एजेंसी के समक्ष अब वे दो हफ्तों बाद पेश होंगे.ईडी ने उन्हें इसकी अनुमति दे दी है.
खड़से की ओर से जारी एक बयान में बताया गया है कि स्वस्थ होते ही वे ईडी के समक्ष पेश होंगे और जांच में सहयोग करेंगे. ईडी ने खड़से को पिंपरी चिंचवड़ स्थित भोसरी एमआईडीसी क्षेत्र में खरीदे गए भूखंड को लेकर नोटिस जारी किया है.उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर बाजार भाव से कम दाम पर यह भूखंड खरीदा.हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से क्लीन चिट मिल चुकी है.