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मालेगांव हादसा : मुआवजे को लेकर भेदभाव, बस के मृतकों को 10-10 लाख मुआवजा!

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नाशिक (तेज समाचार प्रतिनिधि). नाशिक जिले में देवला इलाके में मंगलवार को एक एसटी बस ने रिक्शा को टक्कर मारने के बाद दोनेां वाहन वहीं पास के एक कुंए में गिर गए थे. इस हादसे में अभी तक 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 38 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. एसटी महामंडल ने मृतक बस यात्रियों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है, जबकि मृतक रिक्शा यात्रियों को 2-2 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा एसटी महामंडल ने की है. एसटी महामंडल द्वारा भेदभाव पूर्ण तरीके से की गई इस घोषणा का विपक्ष के नेता और जनता द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है.
– पालकमंत्री सहित परिवहन मंत्री ने किया घटना स्थल का दौरा
घटना के दूसरे दिन यानी बुधवार को नाशिक जिले के पालक मंत्री छगनभुजबल, परिवहन मंत्री अनिल परब, कृषिमंत्री दादा भुसे तथा विपक्ष नेता प्रवीण दरेकर ने घटनास्थल का जायजा लिया. इसके बाद ये सभी लोग अस्पताल में दुर्घटना में घायल हुए लोगों से मिलने गए और उनका हालचाल जाना.
– शादी के लिए देख कर लौट रहा था परिवार
बताया जाता है कि एक परिवार शादी के लिए लड़की देख कर रिक्शा से लौट रहा था. तभी रास्ते में एसटी महामंडल की तेज रफ्तार बस ने रिक्शा को सामने से टक्कर मार दी. टक्कर लगने से रिक्शा बस में उलझ गई. सूत्रों के अनुसार घटना में बस का टायर फट गया था और बस बेकाबू हो गई थी. बेकाबू बस रिक्शा को घसीटते हुए कुंए की ओर बढ़ती चली गई और रिक्शा सहित ही कुंए में गिर गई. यह सब इतना अचानक हुआ कि रिक्शा में सवार यात्रियों को अपने बचाव का मौका ही नहीं मिला. हादसा इतना भीषण था कि रिक्शे में सवार सभी आठ सवारियां और उसका ड्राइवर यानी कुल नौ लोगों की मौत हो गई. इसके साथ ही बस में आगे की ओर बैठे 17 यात्रियों की भी मौत हो गई.
– पर्याप्त मनुष्य बल के अभाव में राहत कार्य में विलंब
प्रत्यक्ष्यदर्शियों के अनुसार घटना के तुरंत बाद ही आस-पास के ग्रामीण और अन्य लोगों ने बस से लोगों को निकालना शुरू कर दिया. कुंए में चीख पुकार मची थी. यदि उस समय कुछ लोग और मदद के लिए उपलब्ध होते, तो शायद घायलों को समय पर उचार मिलता और उन्हें बचाया जा सकता था.
– विपक्ष के नेता ने लगाया भेदभाव का आरोप
बुधवार को एसटी महामंडल ने घटना में मारे गए बस के यात्रियों को 10-10 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की, जबकि रिक्शा के मृतकों को 2-2 लाख रुपए की घोषणा की गई. एसटी महामंडल द्वारा मृतकों के मुआवजे में किए गए इस भेजभाव का महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने विरोध करते हुए सभी मृतकों को 10-10 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है. नागरिकों ने भी रिक्शा के मृतकों को 10-10 लाख रुपए देने की मांग की.