जामनेर (नरेंद्र इंगले):सुबे मे कहि भी व्यापक आम चुनावो का कार्यक्रम नहि है , इस लिये पुरे राज्य कि नजरे 6 अप्रैल को होने वाले जामनेर निकाय के चुनाव पर इसी कारण टिकि है क्यो कि इस चुनाव मे जलसंसाधन मंत्री गिरीश महाजन कि पत्नी श्रीमती साधना महाजन प्रथम ओबीसी महिला नगराध्यक्ष्या कि सिट के लिये भाजपा से प्रत्याशी है . मंत्रीजी कि साख को बरकरार रखने के लिये जिला भाजपा से महाजन गुट के वर्तमान पदाधिकारीयो समेत जनप्रतिनीधीयो का जमघट नगर मे लग चुका है . वहि ग्राउंड जिरो के हालात का जायजा लेने पर यह दिखायी पड रहा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस कि ओर से अध्यक्ष पद के लिये मैदान मे उतरी प्रो श्रीमती अंजली उत्तम पवार का व्यक्तीत्व आम जनता के बीच कीसी खास पहचान का मोहताज नहि है , पवार पेशे से प्रोफेसर है और बीते दशक मे परीवर्तनवादी संग़ठनो द्वारा क्षेत्र मे बनायी गयी जमीन के अहमीयत कि समझ बखुबी रखती है , जिसके बलबुते बहुजन समाज कि अगुवायी करने कि क्षमता का उनका दावा मजबुत माना जा रहा है . जहा तक सत्तापक्ष के तत्वावधान मे नगर मे किये गए विकास कि बात है तो टीवी चैनल्स को दिये अपने साक्षात्कार मे पवार उन 23 बरसो का जिक्र करती है जो महाजन के विधायकि मे समग्र विकास के अभाव मे गुजर चुके है , और अब विकास के नाम पर जो हो रहा है उसे पवार आभास करार दे रहि है . राजनितीक समीक्षको के मुताबीक पवार के तार्कीक तथा चुभते सवालो के जवाब दे पाना भाजपा के लिये चिकित्सा का विषय है . चुनाव के दौरान ” सामाजिक न्याय ” यहि वह एकमात्र पहलू है जिसके इर्द – गिर्द पुरा चुनाव पिस रहा है . स्वाभावीक भी है क्यो कि प्रस्थापितो ने बीते तीन दशको मे कभी भी इस बिंदू को उच्च स्तर पर उठने हि नहि दिया .राजनिती मे लिडरशीप को संख्या के अनूपात मे पैदा करना अनिवार्य होने के बावजुद इस पहलू को सभी दलो द्वारा अपनी सुविधा के अनुसार अब तक नकारा गया . प्रचार अभियान मे आश्चर्यजनक बढत बनाने के लिये मंत्रीजी खुद मैदान संभाल रहे है जिसे देख जनता भौचक्की रह गयी है . सालभर बाद होने वाले विधानसभा के आम चुनावो मे सुबे का मौजुदा राजनीतीक माहौल भांपने मे महारत हासिल कर चुके मतदाता इस चुनावी सरगर्मी के बीच प्रतिक्रिया के लिहाज से अलिप्ततावाद कि निती अपनाते दिखायी पड रहे है .


