जलगांव (तेज़ समाचार प्रतिनिधि): काम का दर्जा निश्चित कर उसे नापने की पुस्तिका में दर्ज करने के लिये महिला ग्रामसेवक के माध्यम से १ हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए धरणगांव पं.स के कनिष्ठ अभियंता बालासाहब सोनवणे को रिश्वत प्रतिबंधक विभाग के दस्ते ने गुरूवार को उपविभागीय अभियंता कार्यालय में रंगे हाथों पकड़ा। इस संदर्भ में जिलापेठ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने चावलखेड़ा, तहसील धरणगांव में १४ वें वित्त आयोग से पेव्हर ब्लॉक बिठाने का काम किया था। इस काम के १ लाख रुपये जिला परिषद ने ग्रामपंचायत के खाते में ऑनलाईन वर्ग किये थे। यह काम योग्य यां अयोग्य इसे नापने की पुस्तिका में दर्ज क रने के लिये उस पर कनिष्ठ अभियंताओं के हस्ताक्षर जरूरी होते है। इस कार्य के लिये शिकायतकर्ता ने अभियंता सोनवणे की धरणगांव पंचायत समिती में भेंट ली। उन्होने यह दर्ज करने के लिये 5 प्रतिशत अनुसार 5 हजार रुपये की मांग की थी। इसके अनुसार शिकायतकर्ता ने पहले ही 4 हजार रुपये दिये थे। इसके बावजुद दर्ज ना किये जाने के कारण बकाया १ हजार रुपये आने के बाद ही दर्ज करने की बात सोनवणे ने कही थी। जिसके चलते शिकायतकर्ता ने रिश्वत प्रतिबंधक विभाग के उपअधिक्षक पराग सोनवणे की भेंट लेकर शिकायत की। सोनवणे ने शिकायत की जांच कर गुरूवार को उपविभागीय कार्यालय के पास जाल बिछाया। सोनवणे बाहर होने के कारण यह रकम महिला ग्रामसेवक शितल आनंदा पाटील के पास देने के लिये कहा। जिसके कारण शितल पाटील ने यह रकम स्वयं ली। एवं बाद में उनकी ओर से यह रकम लेते हुए सोनवणे को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

