धुलिया (वाहिद ककर ):शहर स्थित वरखेड़ी कचरा डेपो में पिछले कई वर्षों से पर्यावरण सरंक्षण कानून की धज्जियां अधिकारियों की ओर से उड़ाई जा रही हैं. कचरा नष्ट करने के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं की गई है. रोजाना इस जगह करीब 1 हजार से लेकर 165मेट्रिक टन कचरा जमा किया जाता है. जिसमें से करीब पचीस साल से कचरे की भी रीसाइक्लिंग नहीं की गयी है. इसी कारण करीब 9 एकर शहर के सीमा के अंतर्गत जमीनी क्षेत्र में शहर के कचरे का पहाड़ जैसा ढेर जमा हो चुका है. जिसके कारण आस पास के परिसर में रहनेवाले नागरिकों को बीमारियां होने का खतरा बढ़ गया है. अब तो आलम यह हो गया कि मनपा द्वारा संकलित कचरा डिपो पूरा भर चुका है .अब कचरा ओवर फ्लो होकर सरे आम नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सड़क पर फेंका जा रहा है ।
कचरा डेपो शहर से सटकर होने के कारण नागरिकों को टीबी, डेंगू, अस्थमा, कैंसर, स्वाइनफ्लू और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है.दिनरात कचरे में से निकलने वाली बदबूदार हवा से नागरिकों का जीना दूभर हो गया है सारे नियम कानून ताक पर रख कर महानगर निगम प्रशासन नागरिकों की जान से खेल रही है । जन प्रतिनिधियों की शिकायतों के बावजूद भी मनपा प्रशासन के कानों पर जूं तक रहेंगे तैयार नहीं है । इसी कचरे को लेकर मनपा में कचरा संकलन के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं. एक नगर सेवक ने स्वास्थ अधिकारी तथा नगरसेवकों की पार्टनरशिप कचरा संकलन के ठेकों में होने के आरोप भी लगाए है । मनपा आयुक्त श्री देशमुख से महासभा में ठेकेदारी में लिप्त नगरसेवकों के नाम भी उजागर करने की मांग कुछ नगरसेवकों ने भरी सभा में की थी .लेकिन इस गंभीर विषय पर नगर निगम प्रशासन ने अनदेखी कर रखी है ।


