जलगांव( तेज़ समाचार प्रतिनिधि ):निवासी उपजिलाधिकारी राहूल मुंडके को ज्ञापन सौंपते समय कहा कि हम संजय भन्साली निर्माता व दिग्दर्शक एवं फिल्म सेन्सॉर बोर्ड को चेतावनी दे रहे है कि महाराणी पद्मावती हमारी अस्मिता है। वह हमारी संस्कृती व राजपुतों के इतिहास की आदर्श है। ऐसा घटिया दर्जे की फिल्म प्रदर्शित होने पर राजपुत समाज यह कदापी सहन नहीं करेंगा। राजपुत समाज यह लढ़ाऊ वृत्ती का है। हम अपने स्वाभिमान व प्रतिष्ठा के लिए प्राणो को निछावर करते है। जो यह दुष्कर्म करेंगा उसे हर परिणाम भुगतना होगा। देश की उज्वल परंपरा में स्त्रीशक्ती को अनन्य-सा महत्व है। जिसमें स्त्री की पुजा की जाती है। हम अपनी माता की विड़बंना कदापी सहन नहीं करेंगे।
शासन भी हमारी भावनाओं का विचार करे, अन्यथा लोगो का घुस्सा अटल है। होने वाले परिणामों पर शासन, फिल्म निर्माता जिम्मेदार रहेंगे। इस फिल्म से संजय भन्साली ने महाराणी पद्मावती के जीवन चरित्र का अपमान कर, बेहद शर्मनाम ऐसी फिल्म बनाई है। जिससे इस बेहूदा, घटिया फिल्म का हम कड़ा निषेध करते है। नुतन मराठा महाविद्यालय से प्रारंभ हुए मोर्चे में माँ पद्मावती के सन्मान मे सारे क्षत्रिय मैदान में यह नारा लगाया गया। मां पद्मावती सन्मान मोर्चा जिला कृती समिती के अतुलसिंह हाडा, भावलाल पाटील, विनोद शिंदे, कैलास पवार, राजू पाटील, पप्पू राजपूत, महेंद्रसिंह पाटील, समाधान महाजन, बापु सालुंखे, स्वामी पाटील, धरमसिंह पाटील के नेतृत्व में समाज के नागरिक बड़़ी संख्या में उपस्थित थे। जिले का राजपुत समाज द्वारा प्रतिनिधिक स्वरूप में युवती व महिलाओं सहित शिष्टमंडल ने ज्ञापन सौंपा।

