गृहविभाग ने एसके सिंघल को सौंपा प्रभार
पटना (तेज समाचार डेस्क). बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने अपनी सेवा निवृत्ति के पांच महीने पहले ही वीआरएस ले लिया है. गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस लेने के बाद एसके सिंघल को बिहार के डीजीपी का प्रभार दिया गया है. गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. सूत्रों के अनुसार गुप्तेश्वर पांडेय राजनीति में जा सकते हैं. उनका झुकाव भाजपा की ओर अधिक होने से कयास लगाए जा रहे हैँ कि वे जल्द ही भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं. सूत्रों के अनुसार कुछ ही दिनों के बाद बिहार में विधानसभा के चुनाव है. इस चुनाव प्रचार के लिए भाजपा पांडेय का उपयोग कर सकती है.
ज्ञात हो कि गुप्तेश्वर पांडेय के प्रयासों के कारण ही मुंबई के सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और व्यक्तिगत रूप से भी पांडेय इस केस में रुचि ले रहे थे. ऐसे में भाजपा चुनाव के दौरान उन्हें अपना स्टार प्रचारक बना सकती है.
1987 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय का कार्यकाल पांच महीने बाद समाप्त होने वाला है. 31 जनवरी 2019 को उन्हें बिहार का डीजीपी बनाया गया था. राज्य के पुलिस महानिदेशक के रूप में गुप्तेश्वर पांडेय का कार्यकाल 28 फरवरी 2021 को पूरा होने वाला है.
बिहार प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों का तबादला किया गया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी. अधिसूचना के मुताबिक हवेलीखड़गपुर के अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विजय कुमार पाण्डेय को निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण समस्तीपुर बनाया गया है. अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी भभुआ मधुकांत को भूमि सुधार उप समाहर्ता मुजफ्फरपुर पश्चिम बनाए गए हैं जबकि समस्तीपुर में पदस्थापित राकेश कुमार और अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, डेहरी रोकश कुमार को सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थापना की प्रतीक्षा में रखा गया है.