मुंबई (तेज समाचार डेस्क):महाराष्ट्र के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हिमांशु रॉय ने शुक्रवार अपराह्न कथित रूप से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। प्राथमिक सूचना के अनुसार, रॉय ने दक्षिण मुंबई स्थित अपने आवास पर अपनी सरकारी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। रॉय कैंसर से पीड़ित थे और अपनी बीमारी से परेशान चल रहे थे। वह मेडिकल लीव पर थे। 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशू रॉय वर्तमान में महाराष्ट्र पुलिस में एडिशनल डायरेक्टर जनरल के तौर पर पदस्थ थे।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे रॉय सुनीति इमारत के चौथे फ्लोर पर स्थित अपने सरकारी आवास में खून से लथपथ मिले। उन्हें तुरंत बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ज्वाइंट सीपी क्राइम, कमिश्नर और क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की स्पेशल टीम पहुंची थी।
कौन थे हिमांशु रॉय?
हिमांशु रॉय डायरेक्टर जनरल रैंक के आईपीएस अधिकारी थे. हिमांशु क्राइम ब्यूरो और आतंकवाद विरोधी दस्ते के चीफ भी रह चुके थे. 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हिमांशु रॉय का नाम 2013 में स्पॉट फिक्सिंग मामले में बिंदु दारा सिंह की गिरफ्तारी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के ड्राइवर आरिफ के एनकाउंटर, पत्रकार जेडे हत्या प्रकरण, लैला खान डबल मर्डर केस जैसे अहम मामलों से जुड़ा रहा. हिमांशु से आंतक से जुड़े कई मामलों का भी पर्दाफाश किया था.
कैंसर से हारा सुपरकॉप
उनके घर में एक सूइसाइड नोट पाया गया है जिसमें रॉय ने लिखा है कि वह कैंसर से परेशान हो गए हैं, इसलिए अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं। रॉय कुछ समय से कैंसर से जूझ रहे थे। रॉय की आत्महत्या ने पुलिस समुदाय के स्तब्ध कर दिया है। रॉय ने मुंबई के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स कॉलेज से पढ़ाई की और एक चार्टड अकाउंटेंट बने। उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और 1988 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी बने।
इस परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात भावना से हुई जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। भावना भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी (आईएएस) बनीं लेकिन उन्होंने नौकरी छोड़ दी और महाराष्ट्र में स्वंयसेवी संस्थाओं के जरिए सामाजिक कार्य में लग गईं। रॉय ने अपना पुलिस करियर नासिक (ग्रामीण) व अहमदनगर पुलिस अधीक्षक के तौर पर शुरू किया था।

