धुलिया(तेज़ समाचार प्रतिनिधि):सोनगीर थाना प्रभारी सहायक पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर वारे नासिक शहर के लिए तबादले के प्रयास करने में लगे हैं। इस प्रकार की सूचना सूत्रों से प्राप्त हुई है। इसके कारण मई माह में दो से तीन बार श्री वारे ने नासिक आयुक्तालय के चक्कर काटे हैं।
इस प्रकार की सरगोशियां भी शहर में गर्म है कि सोनगीर से नासिक ट्रांसफर के लिए बिचौलिये के माध्यम से अर्थपूर्ण व्यवहार भी मिटाया गया है। मई के तीसरे सप्ताह में सोनगीर थाना प्रभारी निरीक्षक के तबादले के ऑर्डर निकलने की संभावना सूत्रों से प्राप्त हुई है। पुलिस निरीक्षक श्री वारे का कार्यकाल पूरा भी नहीं हुआ है, उससे पहले उनके तबादले के कारण अभी तक साफ नहीं हुए हैं।
पिछले दिनों सोनगीर पुलिस स्टेशन से पांच मिनट की दूरी पर गांव में मामूली विवाद में दो समुदायों के बीच जमकर तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा की वारदात हुई थी, जिसमें सहायक पुलिस निरीक्षक वारे ने फसाद भड़कने के बाद दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई कर धर दबोचा था और बीच- बीच में मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र में गौ तस्करों पर भी दबिश देकर गोवंश को तस्करों के कब्जे से छुड़ाया था। इस तरह की सफल कार्रवाई को अंजाम देने के बावजूद एकदम अचानक से तबादले के पीछे के कारण नागरिकों की समझ से परे है।।
सोनगीर के नागरिकों में इस प्रकार की भी चर्चाएं गरम हैं कि दंगाइयों से घबराकर पुलिस सहायक निरीक्षक श्री ज्ञानेश्वरी वारे सोनगीर में ड्यूटी नहीं करना चाहते हैं। पुलिस के आला अफसरों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच पड़ताल कर कारणों का पता लगाना चाहिए कि आखिर क्या कारण है कि समय से पूर्व सोनगीर थाना प्रभारी निरीक्षक वारे ताबड़तोड़ सोनगीर से तबादले के प्रयास कर रहे हैं। सोनगीर के नागरिकों ने पुलिस आयुक्त श्री सिंगल से सहायक पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर वारे के तबादले की मांग को निरस्त करने की मांग तेज़ समाचार से बात करते हुए की।

