जलगांव(तेज़ समाचार प्रतिनिधि ):महानगरपालिका के प्रशासन की ओर से शहर के कुछ इलाकों में विकास कार्यों की ओर अनदेखी की जा रही है। नागरिकों की संबंधित पार्षदों की वार्ड अनुसार विकास कार्य पूर्ण होने की आशा होती है। किन्तू कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण वार्ड के पार्षद नागरीकों की नजर में फेल हो रहे है। क्योंकि अधिकारियों को चार-चार माह से बताये जाने के बावजुद काम नहीं होता है। तथा सभी विभाग के अधिकारी यह नागरिकों को रोजाना काम की सूची की डायरी तैयार कर देने की जिम्मेदारी होती है। किन्तू १० सालों से अधिकारियों की ओरसे डायरी मेन्टेन नहीं की जाने की आश्चर्चजनक जानकारी सभागृह के सामने पार्षद अमर जैन ने प्रस्तुत किया। जिसके कारण अधिकारी वर्ग १० सालों से सौंपी हुई जिम्मेदारी पुरी नहीं करते। प्रशासन का अधिकारियों पर दबदबा ना होने के कारण अधिकारी मनमाना कामकाज करने का आरोप भी पार्षदों ने स्थायी में किया।
इससमय सभापती ज्योती इंगले, उपायुक्त चंद्रकांत खोसे, सहाय्यक आयुक्त लक्ष्मीकांत कहार, नगरसचिव अनिल वानखेडे उपस्थित थे। इससमय विषयपत्रिके पर १३ में से ११ विषय मंजुर किए गए। तथा एक विषय भाजपा पार्षदो ने विरोध करने से बहुमत से मंजुर किया गया। तथा एक विषय तहकूब रखा गया हैं। समाधान नामदेव पाटील यहं मजुर पद पर कार्यरत कर्मचारी को बडतर्फ करके उनकी सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव स्थायी सभा में रखा गया था। इस प्रस्ताव के बारे में भाजपा के उज्वला बेंडाले ने सवाल उपस्थित किया। बेंडाले ने कर्मचारीयों को बडतर्फी करने से पहले 56(1)(अ) अनुसार स्थायी की पूर्व संमती ली थी क्या ऐसा पुछा गया। इस समय उनको आयुक्त ने मान्यता देने का बात निदर्शन में लाई गई। तथा उपायुक्त चंद्रकांत खोसे इन्होंने 56(3) नुसार कारवाई की गई होने की बात सभागृह में स्पष्ट किया। तथा बेंडाले इन्होंने बडतर्फे कर्मचारीयों ने न्यायालय में जाकर स्थयी समिती के सदस्यों को गुंट किया। तो क्या कर सकते है, ऐसा पुछा। नितीन बरडे ने प्रशासन का बडतर्फी का प्रस्ताव होने से पार्षदो की ओर से वसूली नही होने का स्पष्ट किया। तथा बडतर्फ किया गया हैं, लेकिन उन्हें स्थायी सभा, न्यायालय में अपील करने का अवसर होने का निदर्शन में लाया। मेडीकल अधिकरी विजय पंडीत घोलप इन्होंने परिचारीका से गैरवर्तन करने का आरोप किया था। उसके अनुसार जांच होकर दो वार्षिक वेतनवाढ कायमरूप से बंद करना, माफीनामा लिखकर लेने का प्रस्ताव रखा गया था। इस बारे में नितीन बरडे ने स्वास्थ अधिकारी रामरावला को पुछा गया। रामरावलानी ने तत्कालीन आयुक्त जीवन सोनवण ने महिला लैंगीक छली समितीद्वारा जांच करने के बाद ही इसमें डा. घोलप दोषी पाया गया हैं। ऐसा दर्ज किया। तथा सभापती ज्योती इंगले ने यहं प्रकार गैरसमय से होने का स्पष्ट किया। तथा नितीन बरडे ने यह प्रकार अस्पताल के विवाद से घटीत होने का बताया। सभापती ज्योती इंगले ने यहं विषय तहकुब रखा हैं।
नितीन बरडे ने दमकल विभाग के लिये आया हुआ निधी खर्च ना होने के चलते नाराजगी व्यक्त की। खाविआ पार्षद अमर जैन ने बार-बार मांग कर उनके वार्ड में बंद ट्युबलाईट विद्युत विभाग से ना बदले जाने की शिकायत की। और प्रशासन अच्छा है, अधिकारी अच्छे है, आयुक्त अच्छे है किन्तू उनके हाथ के नीचे होने वाले कर्मचारी काम ना करने वाले होने की शिकायत की। विद्युत अभियंता एस.एस.पाटील ने पार्षद डायरी सदस्यों से मिलकर अद्ययावत की जा रही होने की जानकारी दी। वर्षा खडसे ने पार्षद डायरी १० सालों से बनाये जाने के बावजुद एक बार भी ना भरने के चलते आश्चर्य व्यक्त किया। नवनाथ दारकुंडे ने इंजिनिअरों को उनकी शिक्षा के प्रति कार्यभार ना दिये जाने का आरोप किया। अमर जैन ने रास्ते पर निर्माण कर गिट्टी पड़ी होने का आरोप किया। शहर अभियंता फडणवीस ने कर्मचारी घर कर वसुली में ही फसे होने की बात कही।
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