अकोला(तेज़ समाचार के लिए अवेस सिद्दीकी) : यरुशलम को फलसतीन की राजधानी बनाए जाने के निर्णय का संपूर्ण विश्व में निंदा विरोध चल रहा है। इसी के निषेद में आज 22 दिसंबर को देश की सबसे पुरानी व बड़ी इस्लामिक तथा सामाजिक संघटना जमीयत उलामा ए हिन्द आकोला इकाई की ओर से स्थानीय फतह चौक परिसर से ओपन थियेटर परिसर होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक भव्य मोर्चा निकाला गया तथा जिलाधिकारी के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री को इस संदर्भ दखल लेने की आशय से ज्ञापन सौंपा गया। दिए गए निवेदन में कहा गया है कि जमीयत उलमा ए हिंद ने देश के स्वतंत्रता में हिस्सा ले अपने कई उलेमा देश की राह में शहीद किए तथा स्वतंत्रता के बाद से आज तक संघटना ने समाज सेवा, माननीय विकास कार्य शांति आदि के श्रेय में कार्य किए हैं। अमेरिका द्वारा इसराइल की राजधानी यरुशलम को बनाने का निर्णय अमानवीय है तथा फलस्तीन वासियों पर सरासर अत्याचार है। अमेरिका के इस निर्णय की संगठन की ओर से कड़ी निंदा की जाती है तथा विश्व एवं फलस्तीन में शांति बनी रहे इसलिए भारत सरकार ने इस संदर्भ में दखल ले मांग की गई। जमीयत उलमा ए हिंद द्वारा आयोजित इस भव्य मोर्चे में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय वह नागरिक उपस्थित थे तथा शांति के साथ स्थानिक जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।निवेदन देते समय मौलाना सैय्यद वासिउल्लाह साहब,आसिफ अहमद खान साहब,मौलाना सोहेल एजाज़ साहब,मुफ़्ती अब्दुल वाजिद साहब,मुफ़्ती हुफेज़ साहब,मौलाना अय्यूब साहब,मुफ़्ती ज़िकरुल्लाह साहब,शेख अब्दुल्लाह साहब,शेख मज़हर,नोमान खान,शेख रिज़वान,मो.राशिद,अशरफ खान,उबेद खान आदि मान्यवर मौजूद थे।

