
जैन इरिगेशन सि. लि. के अध्यक्ष अशोकभाऊ जैन एक उद्यमी के रूप में चहूँओर परिचित है। इसीके साथ-साथ सामाजिक प्रतिबद्धता के चलते सामाजिक, शैक्षणिक, क्रिडा एवं सांस्कृतिक आदि विभिन्न क्षेत्रों में बड़ा योगदान दिया है। इसीकारण उनका अलग व्यक्तित्व प्रतिबिंबित होता है। अशोकभाऊ स्वयं एक खिलाड़ी होने के कारण क्रिडा क्षेत्र के प्रति उन्हें विशेष आस्था है। मानवता का दृढ़ विश्वास,समाजकारण का ‘अथांग‘ महासागर और सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य, शैक्षणिक, क्रीडा आदि विभिन्न क्षेत्रो के लिए दृढ़ता से खड़े रहनेवाले व्यक्तित्व अर्थात अशोकभाऊ….
आज उनके जन्मदिवस के उपलक्ष्य में प्रस्तुत है यह लेख….
‘लिव्ह धीस वर्ल्ड बेटर देन यू फाउण्ड इट’… अर्थात इस पृथ्वी पर जन्म लेने के पश्चात वह जैसी हमें मिली उससे कई बेहतर बनाकर उसे छोडे, इस ब्रीदवाक्य के अनुसार जैन इरिगेशन के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. भवरलालजी जैन अर्थात आदरणीय बड़े भाऊ ने खेती, टपक सिंचाई और खेती उपयोगी उत्पादनों की निर्मिती शुरू की। किसानों को आधुनिक तकनीक को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। जिसके चलते आज किसान बंधू समाधान की अनुभूति ले रहे है। बड़े भाऊ ने अथक परिश्रमद्वारा खेती एवं किसानों से संबंधित व्यवसाय शुरू किया और इस व्यवसाय की वृद्धि होती गई और जैन इरिगेशन सि.लि. कंपनी साकार हुई।
जो भी करना वह उत्तम ही करना है- अपने पिता की इस वृत्ती को अपनाते हुए माननीय अशोक भाऊ ने जैन इरिगेशन सि.लि. के अध्यक्ष के रूप में अपनी कार्यमग्नता को निरंतर रखा है। अशोकभाऊ का जन्म जलगांव शहर में हुआ और यहीं उनकी कर्मभूमि भी है। कॉमर्स शाखा से स्नातक की पदवी प्राप्त करने के पश्चात वर्ष 1982 में अशोक भाऊ ने जैन उद्योग समूह के उद्योग क्षेत्र में कामकाज शुरु किया। अभ्यासू, संयमी, शांत एवं प्रसन्न व्यक्तित्व, वकृत्वा पर प्रभुत्व रखने वाले अशोक भाऊ के उच्च विचार और साधी रहन-सहन यह सभी आज के उभरती युवा पिढी के लिए आदर्श ही है।
जैन इरिगेशन के संस्थापक अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. भवरलालजी जैन अर्थात बड़े भाऊ के उच्च विचारों से आज भारत देश में लाखों किसान टपक सिंचाई के उपयोग करते हुए जलबचत के साथ-साथ उत्तम एवं दर्जेदार फसल उचित प्रमाण में पानी इस तत्व के अनुसार ले रहे है। किसानों के प्रति सजग इस जैन इरिगेशन कंपनी का नाम आज विश्व के कोने-कोने तक पहुँचा है। आदरणीय बड़े भाऊ ने दूरदृष्टि रखते हुए व्यवसाय किया इसी दरमियां अपने सुपुत्रों को भी उन्होंने उद्योग संबंधी संस्कार दिया। अशोकभाऊ, अनिलभाऊ, अजितभाऊ और अतुलभाऊ यह उनके चारों सुपुत्र जैन इरिगेशन कंपनी की जिम्मेदारी बखुबी निभा रहे है।
जैन इरिगेशन सिस्टम्स लि. के अध्यक्ष के रूप में अशोकभाऊ का परिचय है इसके परे भी उनकी एक अलग पहचान है। सामाजिक, कला, साहित्य, शिक्षण, क्रिडा आदि सभी क्षेत्र में उनका नाम लौकिक है। जैन इरिगेशन कंपनी हमेशा सामाजिक प्रतिबद्धता को अग्रस्थान देती है। जैन स्पोर्टस अकादमी के माध्यम से जलगांव जिले के अनेक खिलाड़ियों-विद्यार्थियों को अशोकभाऊ ने विश्वस्तर पर कर्तृत्व सिद्ध करने का अवसर प्रदान किया। माननीय अशोकभाऊ स्वयं एक खिलाडी है। नयेपन को अपनाते हुए अशोक भाऊ अपना कार्य करते है। वे सभी को समझ लेते है। किसी भी काम में तत्परता एवं समयसूचकता यह भाऊ के विशेष गुण है।
सामाजिक कार्य में आदरणीय अशोक भाऊ हमेशा अग्रस्थान पर रहते है। कंपनी के सहयोगी हो या अन्य कोई भी व्यक्ति हो अशोक भाऊ हमेशा सहायता देते है। काम में परफेक्शन पर वे अधिक जोर देते है। साहित्य, कला, शिक्षण, क्रीडा आदि सभी क्षेत्र के उपक्रम में उनका सहभाग रहता है और संबंधित क्षेत्र के सभी लोगों को वे निखारने का कार्य करते है। क्रिडा क्षेत्र के अनेक खिलाड़ियों को अवसर देने से राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कर्तब दिखाने का अवसर प्राप्त हुआ। हर एक के भीतर छुपे कला-गुणों को ध्यान में लेते हुए वे अवसर देते है। इन सभी जिम्मेदारीयों को निभाते हुए वे यशस्वी उद्यमी का बहुमान लेने के पश्चात वह यश प्राप्त करने के पीछे कितने कठीन परिश्रम है इसकी अनुभूति अशोकभाऊ के कार्य से उल्लेखित होती है। अशोकभाऊ की काम करने का अंदाज, समाज के प्रति आस्था, दातृत्व यह सभी गुण उनके व्यक्तित्व की अलग पहचान कराती है।

उद्योग व्यवसाय की व्यस्तता होने पर भी वे सामाजिक कार्य के लिए समय देते है, यह बात अशोक भाऊ के व्यक्तित्व को और उज्ज्वल करती है। क्रीडा, साहित्य और सांस्कृतिक आदि प्रत्येक कार्यक्रम में उनकी उपस्थिती होती है। एक उद्योगपती के रूप में वे जितनी पहचान बनाये हुए है उतना ही समाजहित का जतन करने वाले एक व्यक्तित्व के रूप में भी वे सभी को परिचित है। समाज के प्रति बंधुभाव संजोये रखना यह संस्कार अर्थातही आदरणीय बड़ेभाऊ और मातोश्री कांताईं से अशोक भाऊ को प्राप्त हुआ। माता-पिता के दिए हुए संस्कार के अनुसार ही अशोकभाऊ कार्यरत है। परिवारीक एवं विशाल उद्योग व्यवसाय की जिम्मेदारी अशोकभाऊ समर्थरूप से निभा रहे है। इस काम में अनिलभाऊ, अजितभाऊ और अतुलभाऊ भी उनका साथ निभा रहे है। तीनों भाईयों की कल्पना और कार्य को अशोक भाऊ हमेशा उत्स्फूर्तरूप से समर्थन देते है। बड़ेभाऊ के चारों सुपुत्र जैन इरिगेशन एवं कार्यसंस्कृति की विरासत आगे बनाये हुए है। बड़े भाऊ ने रोपित किया हुआ उद्योगरूपी पौध आज विशाल बरगद सा पेड़ रुपांतरित हुआ है। जैन इरिगेशन कंपनी को चारो भाई समर्थरूप से संभाल रहे है। अशोक भाऊ के कार्य द्वारा मिलने वाली उर्जा समाज के प्रति बंधुत्व संजोने वाला संस्कार, कर्मनिष्ठा की अनुभूति, बिनचूक व्यवस्थापन अनुशासन, एकता की सीख सहयोगियों के जीवन के लिए दिशादर्शक एवं प्रेरणादायी है। ( आरिफ आसिफ शेख, प्रसार विभाग-जैन इरिगेशन सि. लि. जलगांव )

