धुलिया(तेजसमचार प्रतिनिधि): गांव की पानी योजना गत अनेक वर्षों से लंबित होने के कारण ग्रामीणों को टैंकरों से मिलने वाले | पानी पर निर्भर रहना पड़ता है. जिले की शिंदखेडा तहसील के चुड़ाने गांव में कहीं भी जल स्रोत नहीं है. अमरावती परियोजना में भी बेहद कम पानी है. गांव के कुएं सूख गए हैं.
गत चार वर्षों से इस परिसर में बारिश नहीं होने के कारण ग्रामवासियों को तीव्र जलकिल्लत का मुकाबला करना पड़ रहा है. दोंडाईचा से केवल छह किलोमीटर के फासले पर स्थित है। चुड़ाने गांव, यहां इन दिनों तीव्र जल किल्लत है. इस परिसर की पानी शिंदखेड़ा तहसील के चुड़ाने गांव में टैंकर से पानी भरती हुई महिलाएं.
समस्या का निपटारा करने के लिए वर्ष 2003 में चुड़ाने, सुराय, कलवाड़े | आदि गांवों के लिए 45 लाख रुपए | की जलापूर्ति योजना मंजूर की गई थी. गांव से निकट अमरावती परियोजना में कुआं खुदवाया गया. गांव में पंद्रह हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी बनाई गई. किंतु, किसी कारणवश यह योजना बंद हो गई, अब गांव को नई योजना नहीं मिल रही है.
इस गांव के लिए मुख्यमंत्री पेयजल योजना में प्रस्ताव रखा गया था परंतु वो भी नामंजूर हो गया है. प्रशासन की ओर से गांव में दो टैंकर शुरू किए गए हैं. उसकी दो फेरियां होती हैं, परंतु उक्त टैंकर रात में कभी भी आते हैं और ऐसे में गांववासियों को रात भर जागना पड़ता है.
गांव में टैंकर की फेरियां बढ़ाने की जरूरत है. चुड़ाने के ग्रामवासियों को पानी के लिए सिर्फ टैंकर पर निर्भर रहना पड़ रहा है.

