जामनेर (नरेंद्र इंगले):केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा क्षेत्र के गारखेडा मे बनने जा रहे वनौषधी अनुसंधान विद्यालय के लिए आज शनीवार को दिल्ली स्थित अधिकारीयो ने प्राकृतिक संपदा तथा 50 एकड जमीन का मुआयना कीया है . मुक्ताईनगर वनविभाग के अधिकार क्षेत्र मे आते और वाघुर डैम बैक वाटर से सटे करीब 5 हजार हेक्टर वनभुमी कि दुर्लभ वनौषधीयो के संवर्धन तथा विकास के मद्देनजर मंत्री गिरीश महाजन द्वारा केंद्र सरकार समक्ष किए गए प्रयासो को सकारात्मक रूप से देखते आयुष मंत्रालय के अधिकारीयो ने प्राथमीक निरीक्षण कीया है . आयुष की इस टीम मे ओल इंडीया इन्स्टिट्यूट औफ आयुर्वेद की संचालिका प्रो डा तनूजा निसारी , राष्ट्रीय मेडीकल प्लैंट बोर्ड की संचालक पदमप्रिया बालकृष्णन , आयुर्वेद निसर्गोपचार – योगा मंत्रालय के सीईओ आर सी अग्रवाल यह अधिकारी मौजुद रहे . मौके पर नगराध्यक्षा श्रीमती साधना महाजन , राजस्व और कृषक विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे .
राजस्व के अधिकारीयो ने प्लान संबंधी बुनीयादी ढाचे का प्रस्ताव भी आयुष अधिकारीयो को सौंपा है . विषय की व्यापक जानकारी देते हुए भाजपा के मिडीया प्रमुख अरविंद देशमुख ने बताया की मंत्रीजी के प्रयासो से बनने वाले इस अनुसंधान केंद्र की जल्द नींव रखी जानी है प्रस्तावीत केंद्र मे मेधावीयो के लिए वनौषधी संवर्धन संबंधी 1 से 3 साल का शिक्षा कोर्स पढाया जाएगा .



