शिरपुर (तेज समाचार प्रतिनिधि). हमारे देश में अफवाहों का अलाम ऐसा है कि लोग इन अफवाहों को सुन कर या तो तुरंत भड़क उठते या फिर दहशत में आ जाते है. इन दिनों शिरपुर में एक अफवाह फैली है कि शहर में बच्चा चुरानेवाली टोल सक्रीय है. लोगों में इस अफवाह की ऐसी दहशत है कि लोग अपने बच्चों का विशेष ध्यान रख रहे हैं और उन्हें किसी भी अनजान व्यक्ति के बहकावे में न आने की ताकीद दे रहे हैं. इसके साथ ही कुछ लोग इन अफवाहों को लेकर जागरुक भी दिखाई दे रहे हैं और शहर में घूम रहें संदेहास्पद व्यक्तियों पर नजर रखे हुए है.
व्हाट्सएप पर वायरल हुआ था वीडियो
ऐसी ही घटना हाल ही में घटी, जब किसी ने व्हॉट्सएप पर एक वीडियो वायरल किया गया था, जिसमें एक संदिग्ध लाल रंग की बाइक पर ईदगाह नगर से मुंह पर रुमाल बांधे गुजरता हुआ दिखाई दिया. इस व्यक्ति पर संदेह व्यक्त किया गया था कि यह व्यक्ति बच्चा चुरानेवाले गिरोह का हो सकता है. साथ ही बाइक का नंबर MH 18/AV 143 भी जारी किया गया.
खुद ही पहुंचा पुलिस थाने
यह मैसेज जैसे ही उक्त बाइक क्रमांक वाले बाइक मालिक जामण्यापाडा तहसील शिरपुर निवासी आकाश मोतीराम पावरा ने देखा, तो एक जागरुक नागरिक के नाते वह तुरंत शिरपुर पुलिस थाने अपनी बाइक के साथ पहुंच गया. यहां उसने पुलिस को बताया कि उसकी बाइक का नंबर MH 18/AV 143 न हो कर MH 18/AV 6143 है. जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, वह बाइक मेरी ही है और वह व्यक्ति भी मैं ही हूं, लेकिन मैं कोई बच्चा चोर गिरोह का सदस्य न हो कर रोजगार सेवक हूं. जिस दिन का वीडियो है यानी 28 जून को वह जनपद कार्यालय से एक मिटिंग से ईदगाह नगर परिसर से लौट रहा था और बारिश के कारण उसने चेहरे पर रुमाल बांध रखा था.

पुलिस ने दी क्लीन चिट
आकाश पावरा के स्वयं पुलिस थाने में हाजिर होकर इस अफवाह को झूठा साबित कर दिया. इसके बाद शिरपुर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक संजय सानप ने भी आकश पावरा को क्लीन चिट देते हुए पुलिस विभाग की ओर से विज्ञप्ति जारी कर लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करने की सख्त अपील की है.
मिटिंग से लौट रहा था
इस संदर्भ में आकाश पावरा ने कहा कि मैं रोजगार सेवक होने के कारण 28 जून को एक मिटिंग से लौट रहा था. लेकिन मुझे लेकर सोशल मीडिया पर जो अफवाह फैलाई गई, उससे मैं मानसिक रूप से काफी परेशान हुआ. यह मेरा सौभाग्य था कि मैंने स्वयं ने वह क्लिप देखी और पुलिस थाने जा कर पुलिस को वास्तविकता से अवगत कराया. लेकिन यदि वह क्लिप मैं नहीं देखता और कोई पुलिस थाने में जा कर मेरे खिलाफ कम्प्लेंट करता, तो मैं ज्यादा मुसीबत में आ जाता. इसलिए मैं भी अपनी ओर से लोगों से अपील करता हूं कि सोशल मीडिया पर जारी संदेशों और वीडियो क्लिप्स आदि पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता परख लें.


