धुलिया (तेज समाचार डेस्क). लोक जनशक्ति पार्टी EVM कांड जांच की मांग को लेकर विगत चार दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है. धुलिया निगम चुनाव में शिवसेना-राकां ने हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ा है. सोमवार से लोकजनशक्ति पार्टी ने ईवीएम कांड की जांच की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर ज़िला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है.
लोक जनशक्ति पार्टी ने कहा है कि जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने जलगांव की सरकारी यंत्रणा की सहायता से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हैक कर बीजेपी के पाले में गड़बड़ी कर दूसरे दलों के मतदान को उनके पक्ष में परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है.
लोकतंत्र की रक्षा करने की गुहार लगाते हुए कहा कि मनपा प्रशासन ने ईवीएम को वीवीपैट नहीं लगाने का प्रस्ताव सरकार को नहीं भेजा, जिसके चलते बीजीपी ने मशीनों में सेटिंग कर बहुमत हासिल किया है और इस दौरान बीजीपी ने शहर में साउथ इंडियन सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की सहायता ली है. उनके आवास के लिए बीजीपी ने 40 बंगले किराए से लिए थे पूरा चुनाव सन्देहास्पद हैं.
धुलिया महानगर पालिका चुनाव में भारी जित हासिल करने का दावा करने वाली भाजपा ने मोबाइल टावर्स के सहारे EVM मशीनों को हैक किया है. साथ ही इस झूठी जीत को जनता के बीच सच प्रतीत कराने के लिए प्रचंड रूप से पैसा बांटने का आरोप भी लगाया गया है.
लोकजनशक्ति पार्टी ने भाजपा और मंत्री गिरीश महाजन पर हल्ला बोलते हुए इस कांड की उच्च स्तरीय जांच कराई जाने की मांग दिलीप सावले, शोभा चौहान, कुंदन खरात, प्रमोद सोनवणे, मधुकर चौहान, गौतम वाघ, रवि नगराले, भूपेंद्र मोरे, बबलू शिंदे ने ज़िला अधिकारी के माध्यम से मुख्य चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा है.

