पुणे (तेज समाचार डेस्क). बंद साड़ी गोदाम में आग से घिरे एक कर्मचारी ने अपने बचाव के लिए मालिक को फोन लगाया व उनसे गुहार लगाई कि साहब दुकान में आग लग गई है. चारों ओर बस आग व धुआं ही है. कुछ समझ नहीं आ रहा. जल्द आएं व उन पांचों को बचा लीजिए. पर उनकी यह फरियाद काम नहीं आई. जब तक मालिक पहुंचा तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस आग में वे पांचो भस्मसात हो चुके थे. दुकान के बाहर आईं उन सभी की लाशें. यह भयावह वाकिया है पुणे के देवाची उरूली की. गुरूवार सुबह साढ़े चार बजे के दौरान का यह वाकिया है. इस भीषण हादसे में राजयोग साडी सेंटर की दुकान में कार्यरत पांच कर्मियों की मौत हो गई. इनमें से चार कर्मचारी राजस्थान और एक लातूर का निवासी है. इस आग में तकरीबन तीन करोड़ रुपए के भारी नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है.
इस भीषण आगजनी में मरनेवाले कर्मचारियों में राकेश सुखदेवजी रियाड (22,नागोर, राजस्थान), धीरज ओमप्रकाश चांडक (25,लातूर), राकेश बुगारम मेघवाल (20) व धर्मराज तुकाराम बडियासर (25 दोनों नागोर, राजस्थान), सूरज परूजी शर्मा (25 नागोर, राजस्थान) का समावेश है. राजयोग साड़ी डिपो के मालिक राजीव रामदास भाडले (35,पुणे) ने लोणी कालभोर पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवाई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हडपसर – सासवड मार्ग पर ऊरुली देवाची (तहसील हवेली) में निखिल बबन भाडले के मालिकाने का राजयोग साडी डिपो नामक गोदाम है. भाडले ने यह गोदाम सुशील नंदकिशोर बजाज व भवरलाल हजारीमल प्रजापति (निवासी सूरत, गुजरात) को चलाने के लिए दी है. सात हजार वर्ग फीट के इस गोदाम में साड़ी और रेडीमेड कपड़ों के दालान हैं. यहां काम करनेवाले कर्मचारी यहीं पर रहते हैं. बीती रात साढ़े नौ बजे गोदाम के प्रबंधक सुरेश रामाराम जाखड रोजाना की तरह शटर लॉक कर घर चले गए. तब यहां काम करनेवाले पांचों कर्मचारी यहीं पर सो गए.
तड़के सवा चार बजे के करीब जाखड़ के मौसेरे भाई राकेश जियाड की नींद खुली तब पूरी दुकान आग के हवाले हो चुकी थी. उन्होंने बिना देर लगाए जाखड़ को मोबाइल पर फोन किया और घटना की जानकारी देकर कर्मचारियों को बचाने की गुहार लगाई. क्योंकि शटर बाहर से लॉक था और लाखों कोशिशों के बाद भी कर्मचारी बाहर निकल नहीं पा रहे थे. जाखड़ ने दुकान मालिक निखिल भाडले को इसकी जानकारी दी. जब तक वे औऱ दमकल के दस्ते वहां पहुंचते तब तक आग ने रौद्र रूप धारण कर लिया था. बाहर लोगों की भीड़ जमा हो चुकी थी. लॉक खोलने के बाद दूसरी मंजिल की कांच औऱ पीछे की दीवार तोड़ी गई. हालांकि किसी भी कर्मचारी को बचाया न जा सका. उन्होंने बाहर निकलने के लिए दुकान की खिड़कियां तोड़ने की नाकाम कोशिश किये जाने की जानकारी भी सामने आई. यहां कपड़ों का काफी स्टॉक रहने से आग भड़कती चली गई और पांचों कर्मचारी उसमे जलकर मर गए. घटना की खबर मिलते ही लोणी कालभोर पुलिस थाने की टीम भी मौके पर पहुंच गई. दमकल के पांच वाहनों और दस्तों ने घन्टे भर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. मगर दुकान के कर्मचारियों को नहीं बचाया जा सका. पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है. पुलिस निरीक्षक सूरज बंडगर ने चेताया है कि अगर इस मामले में दुकान मालिक या चालक की लापरवाही सामने आई तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा. बहरहाल इस इलाके में राजयोग समान सौ से ज्यादा कपड़ों की दुकान व गोदाम हैं. यहां अग्नि सुरक्षा यंत्रणा का अभाव रहने की जानकारी भी सामने आई है.

