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श्मशान घाट पर आया था मुख्यमंत्री बनने का फोन

Tez Samachar by Tez Samachar
September 17, 2019
in Featured, विविधा
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श्मशान घाट पर आया था मुख्यमंत्री बनने का फोन
sudhanshu taakतारीख थी 1 अक्टूबर । साल 2001 । एक दिन पूर्व ही यानी 30 सितंबर को कानपुर के पास भैंसरोली गांव में हवाई दुर्घटना हुई थी । इस दुर्घटना में कद्दावर कांग्रेसी नेता और ग्वालियर के महाराजा माधव राव सिंधिया की दुःखद मृत्यु हो गई थी।
राजधानी दिल्ली का पॉलिटिकल सर्कल बेहद गमगीन था। माधवराव सिंधिया के दुखद निधन से देश का हर नेता हैरान रह गया। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी गहरा दुख पहुंचा। अटल बिहारी से लेकर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी सहित सभी नेता उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
उस समय भाजपा के महासचिव नरेंद्र मोदी दिल्ली में ही थे। लेकिन वे माधवराव के अंतिम संस्कार यात्रा में शामिल नही हुए।
मोदी उस दिन अपने पत्रकार मित्र की अंत्येष्ठी में पहुंचे थे। ये पत्रकार थे गोपाल बिष्ट । एक फोटो जॉर्नलिस्ट जोकि माधवराव सिंधिया के साथ ही थे और कानपुर जाते वक्त हुई उसी हवाई दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठे थे ।
यह मोदी जैसे नेता का ही जीवट था जो हाई प्रोफाइल राजनीतिक जमात को छोड़ सामान्य से पत्रकार के अंतिम संस्कार में पहुंचे थे।
इसी दौरान मोदी के मोबाइल फोन की रिंग बजी। फोन किया था तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने।
अटल जी ने पूछा- कहां हो तुम?
मोदी जी ने कहा – श्मशान घाट पर हूँ ।
अटल जी चौंके । उन्होंने कहा- किसके अंतिम संस्कार में आये हो ?
मोदी जी बोले – गोपाल बिष्ट के
अटल जी थोड़ी देर के लिए खामोश हो गए। फिर उन्होंने मोदी को शाम को घर आने को कहा।
मुलाकात के दौरान अटल ने मोदी से कहा – दिल्ली में पंजाबी खाना खाकर तुम्हारा वजन बढ़ गया है. तुम्हारे गुजरात लौटने का वक्त आ गया है।
मोदी को लगा उन्हें संगठन का काम देखना होगा तो उन्होंने एक सवाल पूछा- जिन राज्यों का काम वो देख रहे हैं. वो उन्हें छोड़ना होगा क्या?
अटल बोले – हां, तुम्हे छोड़ना होगा। तुम्हे केशुभाई की जगह लेनी है. मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालनी है.
मोदी चौंक उठे । बोलये- नहीं. मैं ये जिम्मेदारी नहीं ले सकता.
मोदी ने साथ ही गुजरात में महीने में 10 दिन बिताने का प्रस्ताव सामने रख दिया. एक-दो दिन तक मोदी आनाकानी करते रहे. मगर 4 अक्टूबर को वो गुजरात में थे. 7 अक्टूबर को उन्हें सीएम पद की शपथ दिलवाई गई.
इस तरह से शमशान घाट पर आदर उस एक फोन कॉल के बाद नरेंद्र मोदी 2001 में पहली बार गुजरात के सीएम बने। यह वाकया ,अब देश के प्रधानमंत्री बन चुके, नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में भी सुनाया था ।
आज मंगलवार यानी 17 सितंबर को मोदीजी का जन्मदिन है। वे 69 साल के हो गए हैं ।करो़ड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत,मातृभूमि की सेवा के लिए जीवन समर्पित करने वाले , दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता ,भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री, आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी को उनके 69 वे जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई !!!!!
सादर
सुधांशु
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