औरंगाबाद. इन दिनों वंदे मातरम को लेकर पूरे देश में मुस्लिक समाज के कथित ठेकेदारों और हिन्दुओं के बीच विवाद चल रहा है. इसी कड़ी में शनिवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद मनपा की बैठक के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया जब एआईएमआईएम के दो नगरसेवकों ने ‘वंदे मातरम’ गाए जाते समय खड़े होने से इनकार कर दिया. जबकि इसी पार्टी के अन्य नगरसेवकों ने वंदे मातरम को पूरा सम्मान देते हुए गान खत्म होने तक खड़े रहे. मनपा की आम बैठक ‘वंदे मातरम’ गाए जाने के साथ आरंभ हुई. यहां शिवसेना-भाजपा का गठबंधन सत्तासीन है.
राष्ट्रीय गीत बजना आरंभ होने के बाद शिवसेना और भाजपा के सदस्यों ने इसको लेकर आपत्ति जताई कि एआईएमआईएम के दो सदस्य खड़े नहीं हुए. उन्होंने नारेबाजी की और ओवैसी की पार्टी के दोनों नगर सेवकों पर कार्रवाई की मांग की. स्थिति उस वक्त बिगड़ गई जब सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों और एआईएमआईएम के सदस्यों के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई.
इस धक्का-मुक्की में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है, लेकिन कुछ माइक्रोफोन के क्षतिग्रस्त होने की खबर है. हंगामे के बीच मेयर बापू गदमोडे ने एआईएमआईएम के दोनों नगरसेवकों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया और कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित कर दी. बैठक दोबारा शुरू होने पर हंगामा जारी रहा.
औरंगाबाद नगर निगम में एआईएमआईएम के 25 सदस्य हैं और वह सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है. बाद में मेयर ने कहा, ‘‘बैठक वंदे मातरम के साथ शुरू हुई, लेकिन वंदे मातरम गाए जाने के समय एमआईएमआईएम के दो सदस्य खड़े नहीं हुए.’’ एआईएमआई के विधायक इम्तियाज जलील ने कहा कि उनकी पार्टी का एक नगरसेवक राष्ट्रीय गीत गाए जाने के दौरान खड़ा नहीं हुआ और इस बारे में उससे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा.

