सनातन मूल्यों, हिन्दू चेतना, आत्मरक्षा व पंच परिवर्तन पर दिया गया जोर
नई दिल्ली ( तिलक नगर ) – गणेश नगर एवं महावीर नगर (तिलक नगर) में रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में श्रीमन जगद्गुरु स्वामी महायोगी जी महाराज की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने आशीर्वचनों से उपस्थित जनसमूह को सनातन मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया। जगद्गुरु स्वामी महायोगी जी महाराज ने कहा कि भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रेसर है , भारत को दबाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाये जा रहे हैं । भारत पर जबरन अतिरिक्त टैक्स थोपा जा रहा है किन्तु भारत दबने वाला नहीं है । उन्होंने सकल हिन्दू समाज को जात पात में न बटने का सन्देश देते हुए हम सब सनातनी हैं , एक हैं, एक भारत माता के लाल हैं । उन्होंने इसी हिन्दू चेतना के लिए इस तरह के सम्मलेन किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत प्राध्यापिका अर्थशास्त्री डॉ. हरीश जी ने की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता समाजसेवी व उद्यमी महेंद्र दीवान जी थे ।
वंदेमातरम् गायन से प्रारंभ हुए कार्यक्रम में श्री सनातन धर्म मंदिर गणेश नगर की महिला भजन मंडल की ओर से राम नाम के भजनों की सुन्दर प्रस्तुति की. भजन प्रस्तुत करते हुए मंडल के दिपक धवन, कमला रावत, इंदु गुप्ता, मुक्ता, रचना,उषा मल्होत्रा, शशि मल्होत्रा,सोनिया, ज्योति, राम मूर्ति आदि सदस्यों ने उपस्थितों को मंत्र मुग्ध कर दिया ।इन भजन मंडली ने राम नाम की मनोहर प्रस्तुति से उपस्थितों को करताल करने व राम नाम गायन के लिए प्रेरित कर दिया।

जिसके उपरान्त स्थानीय समाजसेवी कर्मवीर त्यागी जी एवं उनकी टीम द्वारा ताइक्वांडो का प्रदर्शन किया ।ताइक्वांडो कला का प्रदर्शन करते हुए कर्मवीर त्यागी ने उपस्थितों के समक्ष आत्मरक्षा के गुर भी सिखाये, उन्होंने आने वाले समय में आत्मरक्षा के लिए हमेशा सजग रहने व माता बहनों – बेटियों को आत्मरक्षा की विधाएं सीखने व निडर बनने की बात भी कही ।

जबकि श्री हरीश पुरोहित जी और स्वयंसेवकों ने आत्मरक्षा की नियुध कला तकनीकों का प्रदर्शन कर लोगों को आत्मसुरक्षा के प्रति जागरूक किया। हरीश पुरोहित ने स्वयंसेवकों की प्रयोगात्मक प्रस्तुति के माध्यम से आसान तकनीकों से आत्मरक्षा करते हुए स्वयं को किस तरह से सुरक्षित किया जा सकता है इसका सन्देश दिया । स्वयंसेवकों ने हथियार से बचने, हमलावर को पटखनी देने जैसे प्रयोग करके दिखाए ।

इस अवसर पर श्री राकेश सब्बरवाल जी ने “पंच परिवर्तन” विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया।इसी के साथ स्थानीय छात्र छात्राओं ने “पंच परिवर्तन” पर एक नुक्कड़ नाटिका भी प्रस्तुत की । राकेश सब्बरवाल व छात्र छात्राओं ने अपने सन्देश में लोगों को जाग्रत करते हुए स्वदेशी अपनाने, कुटुंब प्रबोधन, मोबाइल का आवश्कता अनुसार उपयोग आदि बिन्दुओं पर जोर दिया ।

आर्यसमाज मंदिर, महावीर नगर के पंडित ओमप्रकाश शास्त्री ने संस्कृत में सुन्दर गीत प्रस्तुत करते हुए संस्कृत व संस्कृति की जदों से जुड़े रहने का निवेदन किया।
इस हिंदू सम्मेलन के अंतर्गत विगत 1 फरवरी को श्री सनातन धर्म मंदिर गणेश नगर में चित्रकला स्पर्धा व हनुमान चालीसा पठन स्पर्धा का आयोजन किया गया था, कार्यक्रम में इन स्पर्धाओं के विजेताओं को प्राध्यापिका अर्थशास्त्री डॉ. हरीश जी, हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री पंकज गुप्ता जी व सचिव श्री सुमीत अलघ के हांथों सम्मानित किया गया । हनुमान चालीसा स्पर्धा के विजेताओं ने सामूहिक चालीसा पठन की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम में दिलीप जी एवं उनकी टीम द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।

हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के सचिव श्री सुमीत अलघ प्रस्तावना करते हुए समाज में संस्कार, सुरक्षा और संगठन की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। समिति के अध्यक्ष श्री पंकज गुप्ता जी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को सांस्कृतिक रूप से जागरूक और संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंच का संचालन श्री राकेश सब्बरवाल एवं श्री राकेश शर्मा ने किया।
सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संघचालक श्री अमर सिंह जी, स्थानीय पार्षद श्री हरीश ओबेरॉय जी तथा विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष सेठ राम निवास गुप्ता जी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

श्री सनातन धर्म मंदिर, गणेश नगर समिति सहित क्षेत्र की अन्य धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने आयोजन में सहयोग दिया और उनके सदस्य बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का समापन भारत माता की सामूहिक आरती, प्रसाद वितरण के साथ समाज में एकता, संस्कार और सनातन संस्कृति को मजबूत करने के संकल्प के साथ किया गया।
कार्यक्रम से जुड़े कुछ स्मरणीय क्षण










