दिवाली के मुहाने खाद्यतेल मे मिलावट ? फुड एंड ड्रग विभाग के अस्तित्व पर उठ रहे सवाल
जामनेर (नरेंद्र इंगले): त्योहार जो हमारे लिए खुशियां और ऊर्जा लेकर आते है ! हमारी इसी श्रद्धा और भावनाओ के पर्व कई किस्म के माफियाओ के लिए रुपया कमाने के नए अवसर बन जाते है ! जामनेर तहसिल मे इन दिनो कुछ ऐसा ही देखा जा सकता है ! करीब 4 लाख की आबादी वाले तहसिल मे एक समय ऐसा था कि पाचोरा और एरंडोल की ऑइल मिलो से शुद्ध खाद्यतेल लाया जाता था ! वर्तमान मे इन तेल मिलो की स्थिती क्या है यह सब जानते है लगभग सभी तेल कारखाने बंद हो गए है ! बावजूद इसके जिले मे हजारो लीटर के तेल के टैंकर आ तो रहे है पर आखिर कहा से इसका कोई अतापता नही है ! महंगाई के कारण मूंगफली का तेल रसोई से कब का गायब हो चुका है उसकी जगह सोयाबीन ने ले ली है जो 90 रु प्रति किलो तक बिक रहा है ! ग्रामीण समाज मे किसी खुदरा चीजो की खरीदारी के पक्के बिल मांगने का या देने का कोई रिवाज कभी रहा नही भले ही GST समेत अन्य तमाम टैक्सेस की कागजी खानापूर्ती जैसी तैसी की जाती रही हो और उसमे घपला कर करोड़ो रुपया कमाया जाता रहा हो ! सोयाबीन की पैदावार और तेल का उत्पाद इसमे काफी अंतर है बावजूद इसके ग्राहको को माकूल तरीके से सोयाबीन ऑइल मिल रहा है ! बगैर मिलावट या फिर किसी विकल्प के तो यह संभव नही हो सकता ! इन सभी चीजो पर निगरानी रखने के लिए सरकार मे फूड एंड ड्रग नाम का एक मंत्रालय होता है जो मिलावटखोरी के खिलाफ ग्राहक संरक्षण कर्तव्य निर्वहन के लिए प्रतिबद्ध होकर त्योहारो के पहले अपनी आँखें खोलता है ! इस बार प्रशासन ने अपनी आँखें कुछ इस तरह मूंद ली है कि मानो लग रहा है कि फूड एंड ड्रग नाम का कोई सरकारी विभाग है भी या नही ! फूड एंड ड्रग विभाग के मंत्री राजेन्द्र शिंगणे पड़ोस के जिले बुलडाणा के निवासी है ! सूत्रो के मुताबिक बताया जा रहा है कि पामतेल को फ़िल्टर कर सोयाबीन के नाम पर बेचा जा रहा है ! इस पूरे मिलावट सिस्टम की सघन जांच के लिए बिना किसी शिकायत की राह तकते हुए फूड एंड ड्रग विभाग द्वारा अभियान चलाने की आवश्यकता है !
क्षेत्र मे पत्ता क्लब की भरमार –
जामनेर तहसिल मे जुआ , सट्टा मटका , पत्ता क्लब जैसे धंदे उन्नती की सीढ़ियां चढ़ रहे है ! नूतन पुलिस अधीक्षक प्रवीण मुंढे के आने के बाद आपराधिक जगत की इस व्यवस्था की सफाई होने के बजाय स्थानीय राजनीती और पुलिस के आशीष से इस क्षेत्र ने कमाल का विकास हुआ है !