BHR नीलामी घोटाला : छापेमारी के बाद बढ़ा सस्पेंस
जामनेर ( नरेंद्र इंगले): भाईचंद हीराचंद रायसोनी को ऑप क्रेडिट सोसायटी के दिवालिया घोषित कर दिए जाने के बाद संस्था की संपत्तियों की नीलामी मे घोटाले के मामले मे 27 नवंबर को पुणे की आर्थिक अपराध ब्रांच ने जलगांव पहुचकर ताबड़तोड़ छापामारी की है ! आर्थिक अपराध शाखा पुणे की उपायुक्त भाग्यश्री नवटक्के के नेतृत्व मे 2 सहायक पुलिस आयुक्त , 2 उपायुक्त , 10 पुलिस निरीक्षक , 10 उपनिरीक्षक कुल 135 कर्मियो की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया ! स्थानीय मीडिया के मुताबिक विवेक ठाकरे , सुनील झंवर , जितेंद्र कंडारे समेत अन्य लोगो को हिरासत मे लिया गया है ! बैंक के घपले के मामले मे 2 फरवरी 2015 को संस्था के चेयरमैन प्रमोद रायसोनी समेत 13 संचालको पर संस्था मे आर्थिक गड़बड़ी को लेकर मामले दर्ज कराए गए ! सभी आरोपी आज भी जेल मे है दौरान निवेशको का पैसा लौटने के लिए राज्य सरकार ने बैंक की संपत्ती को कुर्क करने की कार्रवाई आरंभ कर दी !
प्रशासक के रूप मे जितेंद्र कंडारे को नियुक्त किया गया ! निवेशको का 1100 करोड़ रुपया वापिस लौटने के लिए बैंक की अचल संपत्ती को नीलाम किया जाने लगा ! तत्कालीन समय मे इस नीलामी पर राजनीतिक प्रभाव इस बात से साफ देखा गया की प्रशासक की मदत से करोड़ो रुपयो की अचल संपत्ती को कैसे कौड़ियों के भाव मे बेचा गया ! इन संपत्तियों के खरीदार किसी बड़े राजनेता के हस्तक है ! मामले की जांच CID को सौंप दी गई थी जिसके बाद पुणे की आर्थिक अपराध शाखा ने कल जलगांव पहुचकर छापेमारीया की ! 2014 से 2019 के बीच ऐसे कई आपराधिक मामले है जिन्हे किसी विशेष व्यक्तित्व के प्रभाव के कारण फाइलों मे दफन कर दिया गया है ! बीएच्आर पर छापेमारी को कवर करने वाले प्रिंट मीडिया मे प्रकाशित खबरो को आम लोगो तक पहुचने नही दिया जाए इसलिए जामनेर के बुक स्टॉल्स से अखबारो के बंडल गायब करने की शिकायते पाठको से सुनने मे आ रही है ! शायद यह प्रकार जिले के अन्य तहसीलो मे भी हुआ होगा ! कल की छापेमारी मे दबोचे गए सभी संदिग्धो मे कुछ ऐसे खास तत्व है जिनका सीधा संबंध उनकी इनकम से अधिक संपत्ती और उस संपत्ती के असली मालिक से जुड़ने वाला है !