धुलिया(वाहिद काकर):जिले के धुलिया मे चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को अहिंसा के अवतार जैनियों के अंतिम तीर्थंकर श्रमण भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया गया इस दौरान लोकसभा चुनाव के उपलक्ष्य में मतदान जन जागरण तथा वीवीपैट स्वच्छता अभियान , पर्यावरण की रक्षा आदि सामाजिक परिवर्तन कार्यो पर प्रबोधन किया
विश्व को अहिंसा, सत्य, अचौर्य, ब्रम्हश्चर्य व अपरिग्रह जैसे नैतिक मूल्यों का उपदेश प्रदान करने वाले जैन समुदाय के आराध्य चरम तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म कल्याणक सकल जैन समाज ने बड़े ही हर्ष के साथ मनाया। प्रातः काल श्वेताम्बर, दिगम्बर व तेरापंथ समाज ने सामूहिक जुलूस निकाला जिसमें बड़ी संख्या में श्वेत वस्त्र धारण कर पुरुष, केसरिया चुनड़ी में महिलाओं व पाठ शाला की वेशभूषा में बच्चों ने भाग लिया।
शहर केविभिन्न स्थानों पर शरबत भी बांटा गया जुलूस नगर में प्रभु महावीर के जियो और जीने दो के साथ ही प्रेम, मैत्री और सहिष्णुता का सन्देश देते हुए जिनालयों के दर्शन करते हुए जैन स्थानक भवन पहुँचा जहाँ विराजित चरित्ररत्न पूज्या ने प्रभु महावीर के जीवन के रोचक कथानक सुनाए। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री डॉक्टर सुभाष भामरे ने सभी को प्रभु महावीर जन्मकल्याणक की शुभ कामनाएँ दी। इस समय अरविंद रुनवाल, सन्दीप लोढा ,उज्ज्वल सिंघवी तथा बड़ी संख्या में जैन समुदाय की महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुई।
“त्रिशाला नंदन वीर की जय बोलो महावीर की “के जयघोष के साथ नगर में निकली प्रभात फेरी
महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के पावन पर्व पर सकल जैन श्रीसंघ पुरुष सफेद पोषाक, व महिला व युवतियां अपने-अपने परिवेश में स्थानीय तेरापंथ सभाभवन पर एकत्रित हुए। वहां से सभी समाजजनों ने एक लंबी कतार लगाकर त्रिशला नन्दन वीर की जय बोलो महावीर की जयघोष के साथ नगर के सदर बाजार से होते हुए अहिंसा चोराहे होते हुए प्रभात फेरी निकाली ततपश्चात दोबारा उक्त प्रभात फेरी स्थानीय सभाभवन कमला बाई विद्यालय पहुँची। जहाँ यह प्रभात फेरी एक सभा मे तब्दील हुई। वहा सभी समाजजनों ने सभाभवन में विराजित साध्वी श्री के दर्शन किये एवं विराजित साध्वीश्री जी ने उपस्थित समाजजनों को प्रवचन के माध्यम से धर्म की महिमा बताई और बताया कि हम सब तीर्थंकर महावीर के अनुयायी है हम सब को धर्म से जुड़कर अपने जीवन को धर्ममय बनाकर प्रभु महावीर का सद मार्ग अपनाना है। इस लिए आप रोज सवेरे ज्यादा कुछ नही पर मंदिर जाए एवं एक सामायिक रोज करे।

