जामनेर( तेज समाचार प्रतिनिधि ):जाती वैधता प्रमाणपत्र कि बाध्यता को लेकर बीते 23 अगस्त 2018 को देश कि शीर्ष अदालत द्वारा दिए गए अहम ऐतिहासिक फैसले के बाद सुबे कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओ मे आम चुनावो तहत विभिन्न राजनितीक दलो के चुने गए हजारो जनप्रतिनिधीयो कि बहालीया निरस्त करने का कामकाज प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है . इसी कडी मे बुधवार 12 सितंबर को जामनेर पंचायत समिती कि सभापती श्रीमती रुपाली पाटील ने जिला परीषद अध्यक्ष तथा प्रशासन को अपने पद और सदस्यता का इस्तिफ़ा सौंप दिया है . जिसके बाद पूर्व सभापती महोदया के पतीदेव नवलसिंग पाटील ने पत्रकारो से इस विषय को साझा किया . कहा कि वह स्वयम बतौर तहसिल भाजपा विस्तारक रहते हुए पार्टी संगठन कि मजबुती के लिए उन्होने अपनी पत्नी का इस्तिफ़ा को प्रशासन को सौंपा है .
नवलसिंग ने बताया कि जल्द हि लोकसभा चुनाव होने है फ़ीर विधानसभा चुनाव भी होंगे तो ऐसे मे पार्टी संगठन के मजबुती के लिए मैने सभापती पद कि जिम्मेदारी से मुक्त होना उचित समझा है , वैसे भी रुटीन के अनूसार हमारा सभापती पद का कार्यकाल कुछ हि महिने शेष बचा था . अगले सभापती पद कि नियुक्ती का निर्णय मंत्रीजी के आदेश तहत होगा . विदीत हो कि देवलगांव पंचायत गण से भाजपा के टीकट से निर्वाचित श्रीमती रुपाली पाटील के जाती वैधता दाखिले के प्रस्तुतिकरण अभाव को लेकर शहापुर निवासी नागेश पाटील ने राजस्व प्रशासन को कयी पत्रव्यवहार किए थे दौरान यह मामला शीर्ष अदालत मे सुनवायी के लिए विचाराधिन था इस लिए नागेश कि शिकायतो का स्थानिय प्रशासन द्वारा निपटारा नहि किया जा सका था .
23 अगस्त को अपने अहम फ़ैसले मे सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि ” सभी निर्वाचित पदाधिकारीयो को जाती वैधता प्रमाणपत्र प्रशासन समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है ” ( शीर्ष अदालत के फ़ैसले को समाचार के लिए संक्षेप मे रेखांकित किया गया है ) बहरहाल अगले पंचायत समिती सभापती के लिए भाजपा कि ओर से किसी सदस्य का नाम निश्चित होने कि कोई जानकारी नहि मिली है .

