पुणे (तेज समाचार डेस्क). महाराष्ट्र के कुलदेवता मानेजानेवाले श्री क्षेत्र खंडोबा के मूल स्थान कडेपठार किला पर रोप-वे बनाया जाएगा. यह काम प्रशासन ने हाथ में लिया है. आगामी डेढ साल में इसे पूरा किया जाएगा. इससे बच्चों, वरिष्ठ नागरिक तथा विकलांग लोगों को भगवान का दर्शन करने में आसानी से होगा.
– करीब 10 हजार भक्त करते हैं दर्शन
हर साल जेजुरी पर करीब 10 हजार भक्त दर्शन के लिए आते हैं. सोमवती अमावस्या, चंपाषष्टी, चैत्र, माघ, षौष पूर्णिमा, नवरात्र व दशहरे को किले पर कुल 2 लाख भक्त यहां आते हैं. यह जगह समुद्र तल से कुल एक हजार मीटर उंची है तथा जेजुरी गांव से 400 मीटर उंची है. किले पर पहुंचने के लिए 750 सीढियां चढनी पड़ती है. इसलिए इच्छा होने के बावजूद बच्चे, बूढे, प्रेंग्नेंट महिलाएं इतनी उंचाई पर नहीं चढ पातीं. सभी किले पर जाकर दर्शन ले सकें इसलिए रोप-वे प्रकल्प की संकल्पना धर्मादाय सह आयुक्त दिलीप देशमुख ने व्यक्त की है. इस विषय में कंपनी द्वारा टेंडर भी मंगाए गए हैं.
– निजी कंपनी को दिया गया ठेका
एक निजी कंपनी के टेंडर को मान्यता दी गई है. यह सुविधा बीओटी के आधार पर शुरू की गई है. रोप-वे के लिए टिकट भी रखा जाएगा. लेकिन इसके रेट अब तक तय नहीं किए गए हैं. इस प्रोजेक्ट पर कुल 40 करोड़ खर्चा आएगा. यह खर्च संबंधित कंपनी करेगी. देवस्थान द्वारा इसके लिए किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली गई है. इसके साथ प्रोजेक्ट करनेवाली कंपनी को जेजुरी देवस्थान को हर महीने एक लाख रुपय देने का करार हुआ है.
– देवस्थान को होगी 1 लाख की आय
आनेवाले दो साल में यह प्रोजेक्ट पूरा होगा. इससे बुजुर्ग व इच्छुक भक्तों को किले पर पहुंचने का अवसर मिलेगा. इस प्रोजेक्ट से देवस्थान को हर महीने एक लाख की आय होगी. जिसे भक्तों को सुविधा देने के लिए खर्च किया जाएगा.