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राष्ट्र के “कर्मयोगी” सिविल सेवक बन कर प्रधानमंत्री की उम्मीदों पर खरा उतरने की नसीहत

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पुणे (तेज समाचार डेस्क). रक्षा लेखा महानियंत्रक श्री रजनीश कुमार भा.र.ले.से ने एन.ए.डी.एफ.एम पुणे के आई.डी.ए.एस परिवीक्षार्थियों को माननीय प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण “कर्मयोगी” के रूप में उत्कृष्टता” प्राप्त करने की नसीहत दी।

रक्षा लेखा महानियंत्रक श्री रजनीश कुमार,भा.र.ले.से. ने राष्ट्रीय रक्षा वित्तीय प्रबंधन अकादमी (एन.ए.डी.एफ.एम) पुणे में आई.डी.ए.एस परिवीक्षार्थियों(प्रोबेशनर्स) के साथ बातचीत में राष्ट्र के “कर्मयोगी” सिविल सेवक बनकर माननीय प्रधानमंत्री जी की उम्मीदों पर खड़े उतरने की नसीहत दी।रक्षा लेखा महानियंत्रक ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि रक्षा लेखा विभाग शायद भारत सरकार का पहला विभाग है जिसने एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण-मिशन “कर्मयोगी”, आईजीओटी–एमके(IGOT-MK)” संबंधी दिशा-निर्देशों के तहत विभागीय स्तर पर “भूमिकाओं, गतिविधियों और दक्षताओं के लिए फ्रेमवर्क (एफ.आर.ए.सी.एस) के वृहत और व्यापक प्रलेखन कोपूरा किया है। विभाग आईजी ओ टी –एमके(IGOT-MK)के साथ मूल रूप से समकालीन (सिंक्रोनाइज) करने के लिए तैयार है। श्री कुमार ने जोर देकर कहा कि माननीय प्रधानमंत्री की “डिजिटल इंडिया” पहल को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने ऑन लाइन सेल्फ -पेस्ड ई-लर्निंग मॉड्यूल “ज्ञानसुधा” विकसित और कार्यान्वित किया है।


रक्षा लेखा महानियंत्रक ने बुधवार, 14 जुलाई, 2021 को 2019 बैच के भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आई.डी.ए.एस)के परिवीक्षार्थियों के दो वर्षों के परिवीक्षाधीन प्रशिक्षण के सफल समापन पर उनके साथ बातचीत की। बारह आई.डी.ए.एस परिवीक्षार्थियों ने सफलता पूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। इस अवसर पर श्री के.वी.एल अक्षय, आई.डी.ए.एस (पी) को अकादमिक उत्कृष्टता के लिए राजेश सिंह पदक से सम्मानित किया गयातथा श्री स्वप्निल रावसाहेबहनमाने, आई. डी. ए. एस (पी) को सर्वांगीण प्रदर्शन के लिए प्रेम लाल पुरस्कार से सम्मानित कियागया। रक्षा लेखा महानियंत्रक ने बातचीत में माननीय प्रधानमंत्री की आईजी ओ टी –एमके(IGOT -MK)पहल, राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को बढ़ाने में विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन का महत्व, आईडीएएस परिवीक्षार्थियों के विभागीय प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण विश्लेषण, सेवा से अपेक्षाएं और विभाग के लिए नया दृष्टिकोण और भविष्य के रोडमैप निर्माण पर जोर दिया ।

श्री रजनीश कुमार ने अकादमी में नवनिर्मित संगीत कक्ष का भी उद्घाटन किया। उन्होंने “आजादी का अमृत महोत्सव” को यादगार बनाने हेतु वृक्षारोपण किएऔर सरकारी मामलों पर चर्चा करने के लिए पुणे स्थित विभागीय कार्यालय के अधिकारियोंऔर कर्मचारियों से मुलाकात की।