पंडित जसराज का जन्म 28 जनवरी 1930 को ऐसे परिवार में हुआ जिसमें 4 पीढ़ियों से हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की परंपरा रही है। उनके पिताजी पंडित मोतीराम जी स्वयं मेवाती घराने के एक विशिष्ट संगीतज्ञ थे। पंडित जसराज ने अपने बड़े भाई संगीत महामहोपाध्याय पं० मणिराम जी से प्रारंभिक संगीत की शिक्षा ली । उन्हीं की छत्रछाया में पं. जसराज ने संगीत शिक्षा को आगे बढ़ाया तथा तबला वादन भी सीखा। इसके पश्चात् उन्होंने मेवात घराने के दिग्गज महाराणा जयवंत सिंह वाघेला से तथा आगरा के स्वामी वल्लभदास जी से संगीत विशारद प्राप्त किया। पंडित जी के परिवार में उनकी पत्नी मधु जसराज, पुत्र सारंग देव और पुत्री दुर्गा हैं जसराज है। पंडित जसराज को पद्मश्री सहित कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनका जाना संगीत के क्षेत्र में एक अपूरणिय क्षति है। उनके निधन पर संगीत जगत के कई दिग्गजों ने शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है।